अगर आप ऐसी motivational short story in Hindi with moral पढ़ना चाहते हैं जो कम शब्दों में बड़ी सीख दे, तो यह कहानी आपके लिए उपयोगी है। छोटी लेकिन प्रभावशाली कहानी जीवन में धैर्य, मेहनत और सही सोच का महत्व समझाती है।
1. अंजान व्यक्ति से मित्रता:
किसी नगर में विष्णु नाम का एक ब्राम्हण रहता था। ब्राम्हण बहुत विद्वान था। किन्तु वह लालची भी बहुत था। उसे चोरी करने की लत थी। वह किसी भी मूल्यवान वस्तु को देखता तो उसे किसी भी दशा में पाने का जतन करने लगता था। एक बार वह कही से पूजा-पाठ करके अपने घर को जा रहा था। बीच रास्ते में उसकी मुलकाता एक व्यापारी से हुई जोकि, बाजार से कुछ समान बेचकर वापस अपने घर को जा रहा था।
ब्राम्हण समझ गया की इस व्यापारी के पास जरुर अधिक धन होगा। ब्राम्हण ने व्यापारी से बातचीत बढ़ाना शुरू किया। बातों-बातों उसके धन के बारें में भी पता लगा लिया कि व्यापारी धन को अपने कमर में बांधकर रखा हैं। लेकिन, व्यापारी भी कम होशियार नहीं था। उसने धन को कही और छुपा रखा था।
ब्राम्हण पत्थर से ठोकर खाकर गिरने का दिखावा करते हुए व्यापारी की कमर पकड़ ली। लेकिन, व्यापारी के कमर में कुछ बाँधा नहीं दिखा। ब्राम्हण समझ गया की व्यापारी धन को कही और छिपा रखा हैं। उसने अपने साथ लिए हुए कमंडल में पानी पीने के लिए व्यापारी से पूछा।
व्यापारी बिना सोचे समझे हाँ कर दिया। उस पानी में जहर मिला होने के कारण व्यापारी बेहोश हो गया। ब्राम्हण उसका धन लूटकर अपने घर को चला गया।
नैतिक सीख:
अंजान व्यक्ति को अपना भेद बताना खतरे से खाली नहीं होता।
2. बहेलिया और कबूतर:

बुद्धिराम नाम का एक बहेलिया था। वह अक्सर पक्षियों का शिकार किया करता था। जिसे पकड़कर बाजार में बेचता था। वह शिकार से कभी खाली हाथ नहीं लौटता था। उसने एक दिन दूर जंगल में शिकार करने का मन बनाया। उस जंगल में पहुंचकर उसने एक बहुत बड़ा बरगद का पेड़ देखा। उस पेड़ के नीचे जाल बिछाकर एक झाड़ी के पीछे छिप गया।
कुछ समय बाद उस पेड़ की तरफ बहुत बड़ा कबूतरों का झुंड आता दिखाई दिया। कबूतरों का झुंड देख बहेलिया के खुशी का ठीकाना न रहा। देखते-देखते सारे कबूतर उस जाल में फाँस गए। उन्ही कबूतरों के साथ उनका राजा कपोत भी था। अचानक उसने अपनी तरफ बहेलिया को आते देखा। कपोत ने सभी कबूतरों से कहा, “संकट की घड़ी आ चुकी हैं। हम लोग बहेलिया के बिछाए जाल में फाँस चुके हैं। हमें घबराना नहीं हैं।
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इस संकट में हमें हिम्मत से काम लेना हैं। तभी हम यहाँ से निकल पाएंगे नहीं तो हम सभी मारे जाएंगे। राजा कपोत ने कहा, “हमें तुरंत इस जाल को लेकर उड़ना होगा। सभी कबूतरों को अपनी-अपनी जान प्यारी थी। राजा कपोत के आदेशनुसार सारे कबूतरों ने उस जाल को लेकर आकाश में उड़ गए। बहेलिया हाथ मलता रहा।
राजा कपोत के बताए रास्ते से होकर सभी कबूतर एक सुरक्षित स्थान पर उतरे। जिस जगह पर सभी कबूतर उतरे थे। उसी जगह राजा कपोत का दोस्त हिरण्यक नाम का एक चूहा रहता था। कपोत ने अपने दोस्त हिरण्यक को जोर-जोर से आवाज लगाई। अपने मित्र की आवाज सुनकर हिरण्यक बिल से बहार आया। उसने अपने मित्र को जाल में फँसा देखकर वह जाल काटने लगा।
चूहे का दोस्त कपोत ने कहा, “मेरे दोस्त हिरण्यक सबसे पहले अन्य कबूतरों की तरफ जाल काटो।” ये सभी मेरे ऊपर विश्वाश करके यहाँ तक आए हैं। मुझे सबसे बाद में आजाद करना। अपने दोस्त की बातों को सुनकर हिरण्यक जाल काटकर सभी कबूतरों को आजाद कर दिया। सभी कबूतरों ने अपने राजा कपोत और उनके दोस्त हिरण्यक चूहे को धन्यवाद करके आकाश में उड़ गए।
नैतिक सीख:
मुश्किल समय में धैर्य और हिम्मत से काम लेना चाहिए।
3. शरारती बंदर:
विजयनगर एक सुखी और सम्पन्न गाँव था। उस गाँव में एक मंदिर का निर्माण चल रहा था। वहाँ पड़ी लकड़ियों से बढ़ई मंदिर में खिड़की और दरवाजे लगाने का काम कर रहा था। प्रतिदिन की तरह एक दिन बढ़ई अपने अवजार को लेकर मंदिर में लकड़ियों को चीरकर उसे दरवाजे और खिड़की का रूप दे रहा था।
बढ़ई को काम करते-करते दोपहर हो चुकी थी। उसे भूख लग रही थी, उसने सोच क्यों न घर जाकर खाना खा आए। बढ़ई खाना खाने के लिए अपने घर को चला गया। कुछ समय बाद उछलता-कूदता एक बंदरों का झुंड आया। सभी बंदरों ने मंदिर के लकड़ियों के आसपास खेलने लगे। उन्ही बंदरों में एक बंदर जिसका नाम चीकू था। वह बहुत शरारती था। उसने बढ़ई के अवजारों से खेलना शुरू कर दिया।
कुछ समय बाद उसने सभी बंदरों को अपनी कलाकारी दिखाने के लिए एक लकड़ी जिसे बढ़ई ने आधा चीरकर एक कील फँसाकर चला गया था। उसे बंदर ने निकालने की कोशिश करने लगा। दोनों हाथ से जोर मशक्कत करके कील को निकाल दिया। लेकिन, कील निकलने की वजह से उसकी पूँछ चिरी हुई लकड़ी के बीच में फँस गई।
बंदर जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसने अपनी पूँछ को निकलने की बहुत कोशिश किया। परंतु उसकी पूँछ लकड़ी से निकल न सकी। बंदर की छटपटाहट के कारण उसकी पूंछ लकड़ी में फँसकर कट गई। बंदर कराहता हुआ चला गया। इसीलिए, कहा गया हैं की बिना जाने समझे फालतू के काम में हाथ डालने से नुकसान उठाना पड़ सकता हैं।
नैतिक सीख:
अंजान चीजों को छूना खतरनाक साबित हो सकता हैं।
4. लालच का फल:
किसी वन में एक शिकारी शिकार करने के लिए घूम रहा था। अचानक उसकी नजर एक भागते हुए जंगली सूअर पर पड़ी। शिकारी ने उसका पीछा किया और उसने अपने धनुष-बाण से सूअर को घायल करके गिरा दिया। तभी एक दूसरे सूअर ने उस पर हमला कर दिया और उस शिकारी को भी मार डाला।
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कुछ समय बाद उधर से एक सियार गुजरा उसने सूअर और शिकारी को मरा देखा, सोचा आज तो भरपेट भोजन करूँगा। सियार खुशी के मारे फुले नहीं समा रहा था। लोभी सियार यह सोचकर सूअर को जल्दी-जल्दी खाने लगा कि कही कोई और जानवर न आ जाए। अचानक, सूअर के शरीर में लगा बाण उसके गले में जा फँसा। जिसके कारण तड़प-तड़प कर उसकी जान निकल गई।
नैतिक सीख:
लालच का का अंत बुरा होता हैं।
5. दोस्त की सलाह:
एक जंगल में एक विशाल बरगद का पेड़ था। उसी पेड़ पर एक कौवा अपनी पत्नी के साथ रहता था। कौवा बहुत दुखी रहता था। क्योंकि, जब भी उसकी पत्नी अंडे देती। एक काला साँप आकर खा जाता था। साँप उसी पेड़ पर एक कटोरे में रहता था। एक दिन कौवा दुखी मन से अपने दोस्त लोमड़ी को व्यथा सुनाई।
उसका दोस्त उसे धैर्य दिलाते हुए कहा, “चिंता मत करो सब ठीक हो जाएगा। मैं कोई न कोई युक्ति खोजता हूँ। जिससे साँप को सबक सीखाया जा सके। उसने कौवे को अगले दिन मिलने के लिए कहा। अगले दिन लोमड़ी ने कौवे को समझाते हुए कहा, “तुम किसी सुनार की दुकान के पास जाओ और एक हार को उठकर लाओ उसे साँप के कटोरे में डाल दो।”
लेकिन, तुम इस तरह से आना की सुनार के सिपाही तुम्हारे पीछे-पीछे पेड़ तक आ जाए, बाकी का काम अपने आप हो जाएगा। कौवे को अपने दोस्त की बात थोड़ा अटपटी लगी। लेकिन, वह उसके कहे अनुसार ही किया। जैसे कौवे ने हार को कटोरे में डाला उसे सुनार के सिपाही ने देख लिया। एक सिपाही ने पेड़ पर चढ़कर कटोरे में हाथ डालने के लिए सोचा कि उस कटोरे में से एक बड़ा जहरीला साँप निकला।
सिपाही से अपनी बंदूक चला दी जिससे साँप मर गया। सिपाही हार को लेकर सुनार के पास चला गया। इस तरह से कौवे के दोस्त लोमड़ी की बुद्धिमानी की वजह से कौवे को साँप से मुक्ति मिल गई।
नैतिक सीख:
जो काम हथियार से नहीं हो सकता वह बुद्धिमानी से किया जा सकता हैं।
Alok Kumar is a passionate storyteller and professional content writer with over 9 years of experience crafting meaningful, reader-friendly content. He specializes in Hindi stories, moral stories for children, inspirational narratives, and value-driven educational writing that sparks imagination and encourages positive thinking, making stories enjoyable for readers of all ages.
