Very Short Story in Hindi: 10 छोटी नैतिक कहानियां (बच्चों के लिए)

📅 Published on October 16, 2024
🔄 Updated on February 24, 2026
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नैतिक कहानियां हमेशा से ही शिक्षा और प्रेरणा का स्रोत रही हैं। इन कहानियों के माध्यम से हमें जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों और सदाचारों की शिक्षा मिलती है। कहानियां हमें अच्छाई और बुराई में फर्क करना सीखाती हैं। अगर आप बहुत ही कम समय में सीख देने वाली कहानियां पढ़ना चाहते हैं, तो ये Very short story in hindi आपके लिए एकदम सही हैं। ऐसी प्रेरणादायक छोटी नैतिक कहानियाँ बच्चे के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

1. भेड़िया और मेमना की कहानी:

एक भेड़िया एक मेमने को देख उसे पकड़ने का प्रयास करने लगा। मेमना भागते हुए नदी के किनारे जा पहुंचा। भेड़िया ने मेमने से कहा, “दोस्त! डरो मत, मैं तुम्हें नुकसान नहीं पहुंचाऊंगा। नदी के पानी का बहाव बहुत तेज हैं। मैं तुम्हें नदी पार करवा दूंगा।” मेमना भेड़िया की झूठी बातों में आ गया। वह उसके ऊपर बैठ कर नदी पार करने के लिए तैयार हो गया। बीच नदी में भेड़िये ने मेमने पर हमला कर दिया और उसे मारकर खा गया।

नैतिक सीख:

हमें अपने दुश्मन के ऊपर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए।

2. गाय और दूधवाला:

हरी नाम का एक व्यक्ति था। उसके पास एक गाय थी। जिससे वह अपना जीवन यापन करता था। हरी एक दिन दूध बेचने बाजार गया था। उसकी गया उसके घर के सामने वाले तलाब में डूबकर मर गई। शाम को हरी ने देखा कि उसकी गाय मर चुकी थी। वह सोचने लगा अब आगे उसका जीवन कैसे चलेगा। उस रात उसको नीद नहीं आई। अगली सुबह वह उसी तालाब के किनारे चिंतित बैठा था।

तभी उसके दिमाग में एक विचार आया कि ऐसे बैठने से कुछ नहीं होगा। हमें आगे बढ़ने का दूसरा तारीका ढूँढना पड़ेगा। हमारे पास और रास्ते हो सकते हैं। उसने उसी तालाब की मछलियों को पकड़ कर बाजार में बेचना शुरू कर दिया। इससे उसको दूध से भी ज्यादा पैसे मिलने लगे। धीरे-धीरे वह संकट से बाहर आ गया।

नैतिक सीख:

जो भी होता है अच्छे के लिए होता हैं, एक रास्ता बंद होने पर हमें दूसरे रास्ते की तलाश जरूर करनी चाहिए।

3. ईमानदारी की ताकत:

रामू नाम का एक लड़का था। वह बहुत ही ईमानदार था। वह हमेशा सच बोलता था। उसकी ईमानदारी के कारण गांव के सभी लोग उसका आदर करते थे। एक रात वह अपने घर के दरवाजे पर सोया था। उसी रात गांव के कुछ व्यक्ति उसके बगल वाले घर में चोरी करके समान ले जा रहे थे।

अचानक उसकी आँख खुल गई। उसने चोरों को पहचान लिया। चोरों ने लोग रामू को रिश्वत देते हुए कहा- “तुम इस बात को किसी से मत बताना।” अगले दिन गांव में पंचायत जुटी, रामू ने सभी के सामने सारी बातें सच-सच बता दी। जिसके लिए चोरों को दंड देने की सजा सुनाई गई। रामू की ईमानदारी के लिए सभी ने उसकी तारीफ की। उसे गांव के मुखिया ने उसे पुरस्कृत भी किया।

नैतिक सीख: 

ईमानदारी व्यक्ति को हमेशा ऊंचा दर्जा दिलाती हैं।

4. निर्भीक लकड़हारा की कहानी:

रामलाल नाम का एक लकड़हारा था। वह लकड़ियाँ काटने का काम करता था। एक शाम वह जंगल से लकड़ियाँ काटकर वापस अपने घर को जा रहा था। बीच रास्ते में उसे किसी की फुसफुसाने की आवाज आई। उसने देखा कि एक पेड़ के नीचे कुछ लोग चोरी किए हुए धन को छिपा रहे थे। रामलाल तेजी से भागते हुए अपने गाँव के मुखिया के पास पहुँचा। उसने सारी बात मुखिया जी को बता दी।

मुखिया जी ने गाँव के कुछ व्यक्तियों को लेकर जंगल में चोरों द्वारा छिपाए धन को ले आए। उन्होंने उस पैसों से गाँव में कई तरह के विकास किए। इसके अलावा रामलाल को उसकी ईमानदारी के लिए उसे एक छोटी सी दुकान करवा दिया। जिससे उसका भरण-पोषण आसानी से होने लगा।

नैतिक सीख:

किसी भी परिस्थितियों में हमें घबराना नहीं चाहिए।

और कहानी यहाँ पर देखें: शिक्षाप्रद नई हिन्दी कहानियां

5. शिक्षा का महत्त्व:

वैभव एक होनहार लड़का था। वह जीवन में कुछ करना चाहत था। लेकिन उसके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। फिर भी वह अपने सपने के साथ समझौता करने को तैयार नहीं था। उसके सपने उसके दिमाग में ही घूमते रहते थे। उसके सामने अनेकों प्रकार की मुश्किलें थी। लेकिन वह उनको दरकिनार करता चला गया। उसने अपनी पढ़ाई कभी नहीं रोकी।

एक समय ऐसा भी आया कि उसकी फीस जमा करने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। उस मुश्किल समय को धैर्य के साथ सामना किया। वैभव आत्मविश्वास और जुनून से भरा रहता था। उसके समाने उसका लक्ष्य दिखाई दे रहा था। बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद उसने मेडिकल की प्रवेश परीक्षा दी। उस परीक्षा में उसने अपने स्टेट से टॉप किया। इसके बाद उसे पढ़ाई के साथ-साथ छात्रवृत्ति भी मिलने लगी।

अब उसके सामने से मुश्किलें गायब होती दिख रही थी। वह अपनी पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बन गया। उसकी इज्जत उसके गाँव में बहुत अधिक बढ़ चुकी थी। उसने अपने कमाए पैसे से गाँव में स्कूल का निर्माण करवाया। वह चाहता था कि पैसों की कमी से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। क्योंकि शिक्षा ही एक मात्र ऐसा साधन हैं, जिसके दम पर कुछ भी हासिल किया जा सकता हैं।

नैतिक सीख:

शिक्षा एक अमूल्य धरोहर हैं, जिसे कोई चुरा नहीं सकता।

6. लकड़हारा और जलदेवी:

एक ईमानदार लकड़हारा था। वह लकड़ियों को बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। एक दिन वह जंगल से लकड़ियाँ काटने गया था। काफी देर खोजने के बाद उसे नदी के किनारे एक सूखा पेड़ दिखाई दिया। उसने जैसे ही लकड़ियाँ काटना शुरू किया। उसकी कुल्हाड़ी नदी में जा गिरी। नदी बहुत गहरी तथा पानी का तेज बहाव था। लकड़हारा उसी पेड़ पर बैठे-बैठे अपनी किस्मत को दोष देते हुए जोर-जोर से रोने लगा।

तभी उस नदी से जलदेवी निकली। जलदेवी ने लकड़हारे से पूछा- “आप क्यों रो रहे हो।” लकड़हारे ने सारी बात बता दी। जलदेवी सोने चांदी की कुल्हाड़ी दिखाते हुए बोली- “ये लो अपनी कुल्हाड़ी।” लकड़हारे ने कहा- “यह मेरी कुल्हाड़ी नहीं हैं।” फिर जलदेवी ने लकड़हारे को उसकी कुल्हाड़ी दिखाई लकड़हारे ने ईमानदारी से हाँ बोल दिया। उसकी ईमानदारी पर जलदेवी प्रसन्न हो गई और तीनों कुल्हाड़ी उसे दे दी।

नैतिक सीख:

हमें कभी भी ईमानदारी का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।

7. चींटी और टिड्डा:

एक चींटी खाना इकट्ठा कर रही थी। उसे देख घास पर लेटा हुआ टिड्डा बोला- “चींटी बहन अभी बारिश आने में कई महीनों हैं। क्यों अभी से खाना इकट्ठा करने में लगी हो। मेरे पास आओ मैं तुम्हें अच्छे-अच्छे गाने सुनाता हूँ। चींटी ने कहा- “हमें बारिश का इंतजार नहीं करना चाहिए अभी मौसम सही हैं, बारिश के दिनों के लिए खाने इकट्ठा कर लो।”

उसकी बातों को सुन टिड्डा जोर-जोर से हंसने लगा। चींटी वहाँ से चली गई। कुछ दिन बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश कई दिनों तक होती रही। हर जगह पानी ही पानी भरा था। अब टिड्डा के पास खाने को कुछ नहीं था। वह चींटी के पास मदद मांगने गया। चींटी ने उसे पुराने दिनों की याद दिलाते हुए अपने पास से भगा दिया। टिड्डा अपने बीते हुए दिनों को याद करके बहुत रोया।

नैतिक सीख:

हमें हमेशा लगनशील होना चाहिए। जिससे हमारा अच्छा भविष्य बन सके।

और देखें: चतुर बगुला और मूर्ख केकड़ा

8. किसान और साधु महात्मा:

एक गरीब किसान था, जिसके पास बहुत ज़मीन थी। लेकिन वह गरीब था, क्योंकि वह बहुत आलसी था, वह खेतों में काम नहीं करना चाहता था। जिसके कारण कभी-कभी तो वह और उसके बच्चे भूखे ही सो जाते थे। एक दिन उसके घर के बगल से एक साधु महात्मा जा रहे थे। महात्मा जी ने उस किसान को उदास बैठे हुए देख पूछे- “तुम उदास क्यों बैठे हो।” किसान ने सारी बात उस महात्मा को बता दी।

साधु महात्मा ने कहा- “तुम्हारे खेत में एक पोटली छिपी हुई है। जिसमें सोने चांदी के आभूषण हैं। अगर तुम अपने खेत की जुताई कर लो तो तुम्हें वह मिल सकती हैं। जिससे तुम धनवान बन सकते हो। महात्मा की बातों को सुन किसान को लालच आ गया। उसने खेतों की जुताई शुरू कर दी। लेकिन उसे कुछ भी नहीं मिला। उसी रात उस महात्मा ने खेत मे बीज डाल दिये। अच्छी बारिश हो गई। जिसके कारण उसके खेत में लहलहाती फसल आई गई। जिसे देख किसान खुश हो गया।

नैतिक सीख:

 सफलता के लिए कड़ी मेहनत बहुत जरूरी है।

9. राजा के दरबार में न्याय:

एक राज्य में एक बुद्धिमान राजा रहता था। एक दिन, राजा के दरबारियों ने अपने राज्य के दो व्यक्तियों को राजा के सामने पेश किया। क्योंकि दोनों व्यक्ति आपस में लड़ाई कर रहे थे। राजा ने दोनों व्यक्तियों की बात बारी-बारी से सुनी। दोनों व्यक्ति एक दूसरे के ऊपर चोरी का इल्जाम लगा रहे थे।

राजा के सामने रखी एक बाल्टी पानी में दोनों व्यक्तियों को बारी-बारी से अपने हाथ डुबोने के लिए कहा। जो व्यक्ति झूठ बोल रहा होगा उसके हाथ डालने से पानी का रंग लाल हो जाएगा। इस प्रकार, चोरी किया हुआ व्यक्ति सहम गया और सारी बातें सच-सच बताने लगा। राजा के सामने सच को कबूल कर लिया। राजा ने उस व्यक्ति को माफ कर दिया और उसे सच बोलने के लिए पुरस्कृत किया।

नैतिक सीख:

हमें हमेशा सच बोलने का साहस करना चाहिए, भले ही परिस्थिति कैसी भी हो।

इस तरह की और कहानी देखें: बुद्धिमान राजा की कहानी 

10. चतुर लोमड़ी और मूर्ख कौवे की कहानी:

एक कौवा पेड़ पर बैठ कर रोटी खा रहा था। एक लोमड़ी उस पेड़ के नीचे आई और कौवे को रोटी खाते हुए देखा। रोटी देख उसके मुँह में पानी आ गया। लोमड़ी रोटी खाने के लिए कुछ जतन करने लगी। पेड़ के नीचे से लोमड़ी अपनी मीठी आवाज में बोली “कौवा भैया लोग कहते हैं आप की आवाज बहुत मधुर हैं। क्या आप अपनी बहन के लिए एक गाना गा सकते हो, प्लीज!

लोमड़ी की तारीफ सुन कौआ फुले-न-समाया जैसे उसने गाना गाने के लिए अपना मुँह खोला, रोटी का टुकड़ा नीचे जा गिरा। लोमड़ी तुरंत रोटी लेकर कर भाग गई। कौआ समझ गया कि लोमड़ी मुझे मूर्ख बना गई। उसे अपने आप पर बहुत पछतावा हुआ।

कहानी से सीख: 

हमें चापलूसी से बचना चाहिए। इसके अलावा किसी की बातों मे आकर इतनी जल्दी भावुक नहीं होना चाहिए।

🙋‍♂️ FAQs – Very Short Story in Hindi

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This Post Has 3 Comments

  1. Ritika

    I like this stories this have best morals