बच्चों को कहानी सुनाने का प्रमुख उद्देश्य उस कहानी से मिलने वाली सीख का बोध करवाना होता हैं। इसलिए हम कहानीज़ोन के हर लेख को इस तरह से प्रकाशित करते हैं, जिससे बच्चे के ज्ञान में वृद्धि हो सके। इसके अलावा बच्चों को कम शब्दों की कहानी सुनाने से बच्चा आसानी से समझ जाता हैं। आज की 5 lines short stories with moral कुछ इस प्रकार से हैं:
1. स्कूल का पहला दिन:
शोभित स्कूल में पहले दिन नए बैग, जूते और ड्रेस पहनकर पहुँचा था। वह स्कूल में अन्य बच्चों को देखकर बहुत खुश था। उसने पहले दिन ही कई सारे दोस्त बना लिए थे। उसकी मुलाकात मोहित नाम के एक बच्चे से हुई। मोहित ने शोभित से कहा, “हैलो शोभित, कैसे हो? क्या आप मुझसे दोस्ती करोगे।” शोभित ने कहा, “नहीं! मैं आप से दोस्ती नहीं कर सकता” मोहित- लेकिन क्यों? शोभित- ”आप अपने नाखून देखो कितने बड़े हैं। इसके अलावा आपके दाँत कितने गंदे हैं। मुझे लगता हैं आप ब्रश भी नहीं करते हैं। उसकी बातों को सुनकर शोभित का सिर शर्म से छूक गया। उस दिन से वह प्रतिदिन ब्रश करने लगा। देखते-देखते उसके कई दोस्त बन गए।
कहानी से सीख:
हमें अपने नाखून, दाँत, बाल और कपड़ों को साफ रखना चाहिए।
2. किताबों की देख-भाल:
रोहित स्कूल से आने के बाद खेलने में लगा रहता था। एक दिन बारिश में वह अपने घर के सामने किताब के पेज से नाव बनाकर पानी में तैरा रहा था। उसे देख उसके दादा ने उसे समझाते हुए कहा, “रोहित क्या तुम्हें पता हैं? ये किताब-कापियाँ कैसे बनती हैं। उन्होंने कहा, “बेटा यह सब पेड़-पौधे से बनती हैं। इसके लिए हमें पेड़-पौधों को काटना पड़ता हैं। जोकि हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। इसलिए हमें पेपर को बर्बाद नहीं करना चाहिए। दादा जी की बात रोहित के दिमाग में बैठ गई। उस दिन से उसने पेपर बर्बाद करना छोड़ दिया।
कहानी से सीख:
हमें पेपर को बर्बाद नहीं करना चाहिए।
3. कछुए से सीख:
रोहन के दादा उसे कछुआ और खरगोश की कहानी सुनाई। इस कहानी में कछुआ और खरगोश दोनों दौड़ लगाते हैं। लेकिन खरगोश से पहले कछुआ लक्ष्य प्राप्त कर लेता हैं। क्योंकि कछुआ लगातार चलता रहता हैं। जबकि खरगोश बीच में आराम करने लगा था। जिससे वह सो गया। कहानी को सुनकर रोहन बहुत प्रभावित हुआ। उसके दादा ने रोहन से पूँछा, बेटा रोहन इस कहानी से आपने क्या सीखा। रोहन ने कहा, ” दादाजी हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिना रुके, बिना थके चलते रहना चाहिए। एक दिन मंजिल जरूर मिलेगी।
कहानी से सीख:
हमें हमेशा प्रयत्नशील रहना चाहिए।
4. भविष्य की तैयारी:
बाग में सालू अपनी दादी के साथ बैठी थी। दादी ने उसे चींटी और टिड्डे की कहानी सुनाई। गर्मी का मौसम था। एक बार एक चींटी खाना इकट्ठा कर रही थी। उसने रास्ते में देखा कि एक टिड्डा जोकि उसके घर के बगल में रहता था। वह प्रतिदिन घास पर लेटा रहता था। एक दिन चींटी ने कहा, “टिड्डे भाई बारिश आने वाली हैं। तुम भी खाना इकट्ठा कर लो। लेकिन उसने उसकी एक बात नहीं सुनी। तेज बारिश हुई टिड्डे के पास खाना नहीं था। चींटी से मदद मांगने गया। चींटी ने उसे पुराने दिनों की याद दिलाते हुए अपने पास से भगा दिया।
कहानी से सीख:
हमें अपने आने वाले भविष्य के बारें में सोचकर चलना चाहिए।
5. लालच का फल:
एक कुत्ता एक हड्डी लिए हुए नदी के ऊपर बने पुल से जा रहा था। उसने पानी में अपनी परछाई देखी। उसे लगा मैं उस कुत्ते के हड्डी को छिन लूँ। इस चक्कर में आकर वह भौं… भौं… करते हुए नदी में छलांग लगा दिया। जिसके कारण उसके मुँह से हड्डी छूट गई। नदी गहरी होने के कारण वह डूबने लगा। बहुत मुश्किल से वह किनारे लगा। लालच के कारण उसके हाथ आई हुई हड्डी भी चली गई।
कहानी से सीख:
ज्यादा लालच के चक्कर में आया हुआ धन भी चला जाता हैं।
6. लोमड़ी की चतुराई:
एक कौवा कही से एक रोटी लेकर आया। उसने सोचा चलो आराम से बैठकर खाएंगे। तभी अचानक कही से एक लोमड़ी आ गई। कौवें के मुँह में रोटी देख लोमड़ी के मुँह में पानी आ गया। वह उसे पाने का जतन करने लगी। लोमड़ी मीठे स्वर में बोली- “कॉक भईया, मैंने सुना हैं आप बहुत अच्छा गाना गाते हैं। अगर एक गाना आप मुझे सुना देते तो मेरा आज का दिन मंगलमय हो जाता। कौवा अपनी तारीफ सुनकर फुले नहीं समाया। वह गाना गाने के लिए जैसे मुँह खोला उसकी रोटी नीचे जा गिरी। चालक लोमड़ी उस रोटी को लेकर भाग गई।
कहानी से सीख:
वाह-वही के चक्कर में आकर बहकना नहीं चाहिए।
7. सोने का अंडा देने वाली मुर्गी:
एक धोबी पाँच मुर्गी लेकर आया। अगले दिन एक मुर्गी ने एक सोने का अंडा दिया। अंडा देख धोबी और उसकी पत्नी बहुत खुश हुए। अगली सुबह फिर मुर्गी ने एक सोने का अंडा दिया। अब धोबी और उसकी पत्नी के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह मुर्गी प्रतिदिन एक सोने का अंडा देती थी। एक दिन धोबी की पत्नी ने अपने पति से कहा, “मुर्गी के पेट में बहुत सारा अंडा हैं। तुम इसके पेट को फाड़कर निकल दो। उसका पति अपने पत्नी की बातों में आ गया। उसने मुर्गी का पेट फाड़ दिया। अब धोबी को न मुर्गी मिली न अंडे मिले।
कहानी से सीख:
और भी देखें: मोटिवेशन और प्रेरणा से भरपूर कहानी हिन्दी में
8. दोस्त का साथ:
एक शेर शिकार करके बरगद के पेड़ के नीचे सोया था। अचानक कही से एक चूहा आकर उसके ऊपर उछलने लगा। शेर की नीद खुल गई। उसने अपने नुकीले पंजे से शेर को पकड़ लिया। चूहा अपनी जान की भीख मांगने लगा। उसने कहा- “शेर महाराज मुझे छोड़ दो, कभी मैं आपकी मदद जरूर करूंगा।” शेर जोर से हंस पड़ा। उसने कहा, “तू इतना छोटू सा हैं, तुम क्या मेरी मदद करोगे। एक दिन शेर शिकारी की जाल में फँस गया। उसकी आवाज सुनकर चूहा उसके पास आया। उसने जाल को काटकर उसे आजाद कर दिया।
कहानी से सीख:
हमें कभी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए।
9. ईमानदारी का फल:
रामू एक दिन लकड़ियों को काटने जंगल गया था। वह नदी के किनारे एक पेड़ को काट रहा था। अचानक से उसकी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई। वह बहुत मायूस था। तभी नदी में से एक जलपरी निकली। उसने उसे बारी-बारी सोने, चांदी की कुल्हाड़ी दिखाई। लेकिन उसने उसे लेने से मना कर दिया। इस तरह से उसकी ईमानदारी देखा उसे उसकी कुल्हाड़ी के साथ सोने और चांदी की कुल्हाड़ी भी दे दी।
कहानी से सीख:
ईमानदारी व्यक्ति को सम्मान दिलाती हैं।
10. कौवा और घड़ा:
एक कौवा प्यासा था। वह आसमान में उड़ते-उड़ते नीचे एक घड़ा देखा। घड़ा देख उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई। नीचे आकर देखा तो उस घड़े में पानी नीचे था। जिसे वह पी नहीं सकता था। वह उदास हो गया। उसने देखा घड़े के आसपास कंकड़ पड़े थे। वह कंकड़ उठा उठाकर घड़े में डालने लगा। जिसके कारण पानी ऊपर आ गया। इस तरह से कौवा अपनी बुद्धिमानी के कारण पानी पी गया।
कहानी से सीख:
प्रयास करने पर हर समस्या का समाधान हो जाता हैं।

