यह नैतिक सीख देने वाली नई कहानी हैं। जोकि प्रेरणा से भरपूर हैं। इस कहानी से बच्चे के अंदर कुछ बड़ा करने की इच्छा व्यक्त हो सकती हैं। इसके अलावा यह कहानी बच्चों को प्रोत्साहित भी करेगी। जोकि इस प्रकार से लिखित हैं:
गरीबी के दिन:
एक छोटे से गाँव में सोनू नाम का एक लड़का रहता था। उसके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। जब भी बारिश होती तो उसके घर की छप्पर से पानी टपकता था। अक्सर वह देखा करता था कि उसके घर के सामने से बच्चे स्कूल जाते थे। एक दिन सोनू ने भी स्कूल जाने की जिद्द करने लगा। सोनू की पढ़ाई के प्रति लगाव देख उसकी माँ ने अपने गहने बेचकर उसे स्कूल में दाखिला दिलवा दिया।
सोनू के घर पर संसधान की कमी थी। उसके पूरे गाँव में किसी के घर में बिजली नहीं थी। वह दीये के उजाले में पढ़ाई करता था। सोनू अपने आप से प्राण का लिया था कि चाहे जो भी हो जाए, मैं इस गरीबी को हटा कर रहूँगा। उसे पता था कि अपनी तकदीर बदलने का एक मात्र रास्ता शिक्षा हैं। वह दिन रात एक करके पढ़ाई करने लगा। उसकी माँ उसकी पढ़ाई में पैसों का बाधा न आए। इसलिए वह घर-घर जाकर झाड़ू-पोंछा करना शुरू कर दी।
कुछ करने की जिद्द:

सोनू की परीक्षा चल रही थी। अचानक से तेज आंधी-तूफान आने के कारण उसका दीया बार-बार बुझ जा रहा था। जिसके कारण उसे पढ़ाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन उस रात सोनू दीये के उजाले में पढ़ाई करते हुए अपने आप से वादा किया कि वह बड़ा होकर कुछ ऐसा करेगा, जिससे उसका पूरा गाँव हमेशा रोशन रहे।
सोनू ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपने गाँव को रोशन करने की भी सोचने लगा। एक दिन उसके दिमाग में सोलर लाइट सिस्टम का विचार आया। उस दिन से उसने उस पर काम करना शुरू कर दिया। देखते-देखते सोनू सोलर लाइट से अपने पूरे गाँव को रोशन कर दिया। उसके इस महान कार्य से मुखिया जी सभी गाँव वालों के सामने सोनू को अपने साथ मंच पर खड़ा करके बहुत तारीफ किए।
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सफलता की खुशी:
उन्होंने कहा, सफलता की जिद्द के आगे गरीबी भी गुठने टेक देती हैं। आज हमारे सोनू ने अपने कार्य से पूरे गाँव में अंधेरे तले उजाला कर दिया। लोगों ने उसके काम को बहुत सराहा। सोनू की सफलता देख उसकी माँ की आँखों में खुशी के आँसू भर आए। देखते-देखते आसपास के गाँव वाले भी उससे अपने गाँव में सोलर लाइट सिस्टम लगवाने लगे। जिसके बदले में उसे पैसे भी मिलने लगे।

मिले हुए पैसों को लेकर वह सुनार के पास गया और पैसे देकर अपने माँ के गहने वापस ले आया। उन गहनों को लेकर वह अपनी माँ के सामने गया। उसके हाथ में गहने देख उसकी माँ उसे अपने गले से लगा ली। उसकी माँ ने कहा, “बेटा सोनू, इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है। बस बात इस चीज की हैं कि तुम उसको कितनी शिद्दत से पाना चाहते हो।
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अब सोनू अपनी पढ़ाई पूरी कर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बन चुका था। उसने कई सारे प्रोजेक्ट शुरू कर दिये। जिससे लोगों को रोशनी के आलवा कई तरह की और सुविधाएं मिल सके। आगे चलकर उसने साइकिल में डायनमो भी लगा दिया। जिससे रात में लाइट दिख सके। इसके आलवा उसने जमीन से पानी निकालने के लिए सोलर से चलाने वाला मोटर भी बना दिया। इस तरह एक दिन वह अपने गाँव का सबसे बड़ा इंसान बन गया।
नैतिक सीख:
इस दुनिया में हर कुछ संभव हैं।
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